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रोका कदम कदम पे ही हालात ने मुझे

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

November 8, 2017

रोका कदम कदम पे ही हालात ने मुझे
चलना सिखाया पर मेरी औकात ने मुझे

सीली हुई हैं मेरी तो यादें भी आज तक
इतना रुलाया है तेरी हर बात ने मुझे

करना पड़ा मुआफ़ भी बस इसलिये तुझे
पिघला दिया जो मेरे ही जज्बात ने मुझे

बारिश पुरानी याद वो फिर से दिला गई
जब सँग तेरे भिगोया था बरसात ने मुझे

मेरे नसीब में नहीं थी धूप चाँदनी
जानूँ न कैसे पाला है दिन रात ने मुझे

क्या होगा जब वो सामने आएंगे ‘अर्चना ‘
बेचैन कर दिया इसी ख्यालात ने मुझे

डॉ अर्चना गुप्ता
08-11-2017

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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