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* रूह कब कहती है तूं किसी से बैर कर *

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

January 29, 2017

रूह कब कहती है तूं किसी से बैर कर

रूह कब कहती है तूं किसी से प्यार कर

रूह रूखी जान न दिल का अरमान है

रूह की रख ज़रा इंसानियत से काम कर ।।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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