Skip to content

रूहानियत –

Yatish kumar

Yatish kumar

गज़ल/गीतिका

November 10, 2017

रूहानियत –

खोयी हवाओं में ख़्वाब ढूँढता हूँ
अपने लिए दुआ, तेरी इनायत ढूँढता हूँ
सूफ़ी हूँ औरों में सूफ़ियत ढूँढता हूँ
उसकी रहमत है अब मैं इबादत ढूँढता हूँ

छूने से ही आँखों की चमक ढूँढता हूँ
नाम लेते ही उसका असर ढूँढता हूँ
सोंचने से ही उनके अज़मत ढूँढता हूँ
मैं पागल हूँ जो ख़ुद में अब रब ढूँढता हूँ

मैं मुफ़लिस हूँ शुआ-ए-सहर ढूँढता हूँ
मैं पैकर में जीवन का रंग ढूँढता हूँ
बंद आँखों के अंधेरे में उजाला ढूँढता हूँ
और बाहर उजाले में तेरा दर ढूँढता हूँ

मैं कोशिश हूँ ,यतीश हूँ -हारूँगा नहीं
राही हूँ ,पथिक हूँ – मैं रूंकूँगा नहीं
निदा तुझसे ही सिखा है जीने का सबक़
अब बच्चों की हँसी में अपना हल ढूँढता हूँ

हाँ मुझको पता है हूँ किसके सहारे
है कौन सबका दाता और कौन पालनहारे
है किनकी इनायत , और किससे बहारें
नादान हूँ रब मैं जो तेरा असर ढूँढता हूँ

अज़मत=इज़्ज़त गौरव
शुआ-ए-सहर- सुबह की किरण
यतिश १२/९/२०१६

Author
Yatish kumar
Recommended Posts
मुक्तक
मैं यादों का कभी कभी जमाना ढूँढता हूँ! मैं ख्वाबों का कभी कभी तराना ढूँढता हूँ! जब खींच लेती है मुझको राह तन्हाई की, मैं... Read more
मुक्तक
मैं दफ्न उजालों का डूबा हुआ शहर हूँ! मैं वक्ते-तन्हाई में यादों का सफर हूँ! ढूँढता हूँ खुद को खौफ के अंधेरों में, मैं ख्वाहिशों... Read more
मैं बेटी हूँ
???? मैं बेटी हूँ..... मैं गुड़िया मिट्टी की हूँ। खामोश सदा मैं रहती हूँ। मैं बेटी हूँ..... मैं धरती माँ की बेटी हूँ। निःश्वास साँस... Read more
मैं कौन हूँ.....?
मैं कौन हूँ ? क्या मैं इन्सान हूँ या कोई भगवान हूँ एक बहन का भाई या सिमा पे खडा जवान हूँ ? मैं कौन... Read more