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रूठे जब प्रेयसी

Rajan Kaushik (Yagya)

Rajan Kaushik (Yagya)

मुक्तक

September 11, 2016

प्रेम में जब कभी रूठ जाए प्रेयसी,
प्रेम से उनको आप मना लीजिए,
बाँहे बाँहो में डाल रखके गालों पे गाल,
थोड़ा ग़ुस्से में प्रेम मिला दीजिए।।

तलाशिए फ़िर ज़रा कोई सुर्ख ग़ुलाब,
लीजिए हाथ में थोडा मुस्कुराइए,
देख ले जब तुम्हें वो घूर के गुस्से में,
हाथों में उनके उसको थमा दीजिए।।

प्रेम में जब कभी…..

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Author
Rajan Kaushik (Yagya)
I am a young poet from district Bijnor (U.P.). I am writing since 2009. I believe in expressing the deepest feeling of heart in a simple way so that a layman can understand it.

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