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रिश्तों की भूल भुलैया

कवि कृष्णा बेदर्दी

कवि कृष्णा बेदर्दी

गीत

October 8, 2017

तन के दावेदार मिले
मन को कोई ना प्यार मिला
रिश्तों की भूल भुलैया में
इक चेहरा इक बजार मिला ||

रिश्तों की धुंध में खोई हसीं,
सपने खो अंधेरों में
जुगनूं सी इच्छाएं भटकी
कैदी हो गयी सवेरों में
इक रात मिली मुस्कानों के
आंसू का कारोबार मिला
रिश्तों की भूल भुलैया में ………..||

जितने रंगीन उजाले थे
धुँधुले हैं उतने दर्पण
सौदा कैसे फिर कर लेता
ये बंजारा मन
इक तरफ धर्म की जंजीरें
इक तरफ सिसकता प्यार मिला |
रिश्तों की भूल भुलैया में ………..||

कल नदी लिपट कर रोयी थी
पर्वत की सूनी बाँहों से
धीरे धीरे हो गयी विदा
परछाई मेरी निगाहों से
सुख के कई चेहरे मिले यहाँ
मन को सूना हाहाकार मिला |
रिश्तों की भूल भुलैया में ………..||

तन के दावेदार मिले
मन को कोई ना प्यार मिला
रिश्तों की भूल भुलैया में
इक चेहरा इक बजार मिला ||

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Author
कवि कृष्णा बेदर्दी
कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

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