.
Skip to content

रिश्ते

Shubha Mehta

Shubha Mehta

कविता

August 22, 2016

बडे़ अजीब होते हैं रिश्ते
कुछ बने बनाए मिलते हैं
तो कुछ बन जाते हैं
और कुछ बनाए जाते हैं
स्वार्थ पूर्ती के लिए
कैसे भी हों,आखिर रिश्ते तो रिश्ते हैं
बडे नाजुक से……
सम्हालना पडता है इन्हे
बडे जतन से
लगाना पडता है
“हेंडल विद केयर”का लेबल
वरन टूट कर बिखरने का डर
और चटक गये तो ….
ताउम्र सहनी पडती है
कसक घाव की
कोई मरहम काम नही आता
शायद समय के साथ गहराई
कम हो जाती है
पर,छोड जाती है निशाँ
. देख कर जिन्हें
टीस सी उठती है
करनी पडती है भरसक कोशिश
छिपाने की इन्हे
बडे़ अजीब होते हैं………ये रिश्ते।

Author
Shubha Mehta
Recommended Posts
रिश्ते
रिश्ते कुछ हैं ख़ून के तो कुछ खुद ही बनाए रिश्ते। बात ख़ास ये है कि किसने कितने निभाए रिश्ते। बोझ लगते हैं अगर विश्वास... Read more
कुछ अजीब से रिश्ते
??ललित छंद?? कुछ अजीब सी ये दुनिया है, कुछ अजीब से रिश्ते। कुछ बन जाते दोस्त यहां पे, तो कुछ बने फरिश्ते।। कोई याद जख्म... Read more
रिश्ते और रास्ते
(1) ?एक सिक्के के ये रिस्ते और रास्ते दो पहलू हैं? (1) ?कभी रास्ते में रिश्ते बन जाते हैं कभी टूटते? (3) ?रिश्ते निभाते कभी... Read more
ब्लाक होते रिश्ते
किसी ने ज्योतिष का पहला पाठ जब पढाया था कुंडली में गुरू का महत्व बताया था। कि घर के बुजुर्ग खुश रहें तो गुरू कभी... Read more