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रिश्तेदारी

रिश्तेदारी पानी में
फैले तेल की तरह है
जो पानी में
ना कभी मिलती है
ना घुलती है
जरा सी अफवाहों की
चिंगारी से
सिर्फ और सिर्फ
जलती – धधकती और भभकती है ।

स्वरचित एवं मौलिक
( ममता सिंह देवा , 08/08/11 )

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" लेखन से अपने मन को संतुष्ट और लेखनी को मजबूत करती हूँ " मैं भारत से Pottery & Ceramic विषय से Masters ( BHU 1993 ) करने वाली पहली…
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