रिश्ता

अजीब है ये रिश्तो की पहेली
अगर समझ आ जाएं तो
ज़िंदगी सवर जाती है
नही तो खुशियां बिखर जाती हैं
कोई हमनवां की तरह आता है
कोई हमदर्द बन जाता हैं
कोई हमसफ़र बन के फिर
तन्हा कर जाता है
कभी फरेब लगता है
कभी अनमोल लगता हैं
रिश्ता जीने का एक जरिया
लगता है

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