कविता · Reading time: 1 minute

रिश्ता ये प्यार का

मीत बनके जिंदगी की राहों में साथ निभाना
दिल से दिल मिले ऐसे मन में ऐसा प्रेम जगाना

सच्चे दिल से जब तुमने लिखा प्रेम एहसास का
प्रीत प्रेम की डोर से बंधा रहे रिश्ता ये प्यार का

तब्बसुम लिए अधरों से प्रेम के ऐसे गीत सुनाना
पंक्ति हो तुम नज्म का शब्दों से इसे सुरमय बनाना

शब्दों की मीठी चाशनी सी मुख में सदा मिठास रहे
रस घोलती कानों में सुरमय संगीत का निवास रहे

मन को भाए नज्म तुम्हारे प्यार की ऐसी रीत बनाना
खूबसूरत लम्हों का साथी दिल का मनमीत बनाना

ममता रानी

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