लघु कथा · Reading time: 1 minute

रिचर्ड पार्कर

“लाइफ ऑफ पाई” मे जब रिचर्ड पार्कर(शेर) पाई को छोड़कर चला जाता है उसी समय कुछ लोग पाई को बेहोशी की अवस्था में देखते हैं और वहां से उठा कर ले जाते हैं ।उस वक्त पाई बिलखकर छटपटाता है चीख कर रोता है, पाई को इतना रोना तो तब भी नहीं आया था जब उसे अपना शहर अपना घर और आनंदी को छोड़ना पड़ा था।यहां तक कि तब भी नहीं जब उसने अपने माँ बाप और भाई को खोया था।
रिचर्ड पार्कर के चले जाने के सालों बाद भी उसकी आँखें भर आती हैं ।रिचर्ड पार्कर के जाने से ज्यादा उसके दिल में इस बात की टीस थी कि जाते वक्त रिचर्ड ने उसे मुड़कर नहीं देखा।आखिर क्यों?
जीवन भर भी पाई इस सवाल का जवाब ढूंढे तो भी उसे इसका जवाब नहीं मिलेगा और ये टीस
आखिरी साँस तक उसके साथ रहेगी । किसी से जुदा होते वक्त उसे अलविदा न कह पाना जिंदगी का सबसे दुखद पल होता है कितना दर्द होता है बस वही समझ सकता है जिसने पाई की तरह अपने रिचर्ड पार्कर को खोया हो।
Priy@Dd

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