{{ राह देख रहे है }}

आज कल खुद से ही एक लड़ाई लड़ रहे है हम
जो मेरी बात तक नही समझते उन्हें समझ रहे है हम,,

जिस शख्स की तमन्ना दिल में ही दफन हो गई,,
आज भी हर शब उसी का ख्वाब देख रहे है हम,,

फ़रियाद मोहब्बत की आखरी सांस तक लगाएंगे हम तुमसे
कभी तो पलट कर आओगे तुम, इस इन्तेज़ार में राह देख रहे है हम,,

वफ़ा साबित किया कई बार, फिर भी वो खफ़ा है
दुखता है दिल फिर भी, दिल से बगावत कर रहे है हम,,

अपनी हर चाहत में जिसकी चाहत की है मैंने
वो बेपरवाह सा सो जाता है, और रात काली कर रहे है हम,,

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