राहें

राहें साथ चले सदा, राहगीर की तरह,,,

हमसफ़र की ख्वाहिस किसको है..॥

102 Views
कभी फुरसत मिले तो पढ़ लेना मुझे, भारी अन्तर्विरोधों के साथ दृढ़ मानसिकता की पहचान...
You may also like: