कविता · Reading time: 1 minute

राही चल ! चलना तेरा काम है……

राहे है बहुत पर मंजिल तो तेरी एक ही है
चल रहा जिस राह पर वो राह भी तो नेक है
मंज़िल से पहले करना नही आराम है
राही चल चलना तेरा काम हैं ।….. 1
मुस्किलो में रुकना नही ,
दुश्मनो के आगेे झुकना नही ,
रास्ते मे आएंगे काटे बहुत,
मगर तू रुकना नही |
राही चल चलना तेरा काम है।…..2
मिलेंगे तुझे कई राहगीर ,जिनकी मंजिल आसान है
विचलित करना जिन का काम है
मगर तू भटकना नही तू अपनी राह से
चल राही चलना तेरा काम है ।……3
बच कर रहना दुनिया कि मोह माया से
जाल इसका विशाल है ,भटकाना भी इसी का काम है
अगर दृण लक्ष्य है तुम्हार तो मंज़िल तुम्हारी आसान है
राही चल चलना तेरा काम है। …..4
-भगीरथ प्रजापति

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