गीत · Reading time: 1 minute

” ———————————————— राहत दे जाती है ” !!

लिए बांकपन तेरी अदाएं , दस्तक दे जाती हैं !
याद तेरी जब भी आ जाए , छन छन कर आती है !!

लहराती लट बने ओट जब , तिरछी पड़े निगाहें !
कर्णफूल कानों से कहते , कितना बल खाती है !!

कांधे पर लहराती चोटी , औ तेरा खम देना !
एक शरारत से कम है ना , लाली छा जाती है !!

ध्यान बटाये से ना बटता , खुद में खोई खोई !
एहसासों से दूर खड़ी यों , पल पल मुस्काती है !!

गाल गुलाबी , लाज अनकही , हरषाना यह तेरा !
सुधियों के डेरों में गौरी, कहाँ गुमी जाती है !!

जाने अनजाने हारे हैं , इसका भान कहाँ हैं !
बिन बोले ही कितनी बातें , यों ही कह जाती है !!

हम तो मौन खड़े हैं कबसे , थमी थमी हर धड़कन !
तेरी महकी बिखरी साँसें , राहत दे जाती है !!

बृज व्यास

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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार ,…
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