.
Skip to content

राष्ट्र विकसित वह जहाँ जागी जवानी

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

मुक्तक

February 18, 2017

जोश को यदि होश की दें दिशा ज्ञानी |
फैल जाए रोशनी, तम की कहानी
खतम हो, अब तक न हमने टेक ठानी|
राष्ट्र विकसित वह जहाँ जागी जवानी|

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more
Recommended Posts
राष्ट्र वही है विकसित जागी जहाँ जवानी
(मुक्त छंद) अटल आत्मविश्वास, बज्र-सा मानस तेरा | जिस दिन बन जाएगा उस दिन नया सवेरा|| दिखलायेगा उन्नति का सूरज चढ़ता-सा| होगा सत्यानाश दीनता औ... Read more
राष्ट्र वही है विकसित जागी जहाँँ जवानी
वर्तमान समाज भौतिकता की चकाचोंध में फँस कर स्वयं को ही दाव पर लगा बैठा है| प्रकृति के चक्र से किसी को बच निकलने की... Read more
नदी अभी जागी है...!
सुनो नदी अभी जागी है अभी तो सिराये हैं मैंने कुछ पूजा के फूल और कुछ यादें पिछली रातों की कुछ कलियाँ अपनी बातों सी... Read more
बढे राष्ट्र का मान
राष्ट्र-भक्ति की भावना ,भारत का सम्मान ! करिये ऐसा काम जो, बढे राष्ट्र का मान !! जात-पात को त्याग कर,ऐसी भरें उड़ान ! मानचित्र पर... Read more