रावण मरा नही करते........

*************** रावण दहन क्यूं ….?
🏹🏹क्रान्तिकारी कविता 🤺🤺
****************
***** सच मरा नही करता ****
++++++++++++
बहन की रक्षा हेतू , जिसने तलवार उठाई थी
लाश देखकर दुश्मन की भी, छाती थर थर थर्रायी थी
ग्यानी था वो , नही घमंडी , वो पहला वैग्यानिक था
प्रकृति का रक्षक था वो , तनिक नही अभिमानी था
दुश्मन की पत्नि भी जिसनें , सुरक्षा घेरे में राखी
रोज पूछता हाल चाल , नीयत में खोट नही राखी
फिर भी “रावण” को जानें क्यूं , इतना ज्यादा बदनाम किया
मुझे बताओ उस यौद्धा ने , कौन सा ऐसा पाप किया
रोज लूटता था जो जवानी, मंदिरा की मदहोशी में
सोते . जगते जो रहता था, कामुकता बेहोशी में
भगवान बताया फिर भी इन्द्र , जो पहला बलात्कारी था
घमण्ड , क्रोध, कामुकता का, जो पक्का भण्डारी था
” पर रावण ही गलत बताया,जाता क्यूं हर बार ?
इन्द्र से भी बुरा था क्या वो, जो जलता बार बार ?
मै रावण को सच कहता हूँ, जो आता हर बार
नही मरेगा सच कभी भी, करते रहो संहार”
ना रावण ने हिरन मारा , ना काटे नाक _ कान
दुर्लभ पर ना कभी उठाये , अपने तीर _कमान
ना भाई से भाई लडाया , ना पत्नि प्रताडित की
झूठें आशवासन देनें की , उसकी नही ये आदत थी
मानव हित में ली प्रतिग्या, कितनी रावण बल धारी ने
फिर भी उसको कहा राक्षस, झूठें तिलकधारी ने
बाप से पहले बेटे को , कभी नही मरनें दूंगा
पानी की सतह पर कायी की , पर्त नही चढनें दूंगा
स्वर्ग पर सीढी लग जायेगी , मरनें से पहले देखो
सारे देवता घर में नौकर , ना जानें तुम आ देखो
धोका छल कपट का सहारा , ले रावण को मारा था
मरते मरते भी वो यौद्धा , कब दुश्मन से हारा था
झूठ और अन्याय के खातिर , जो ना कभी झूका करते
“रावण” जैसे यौद्धा कभी भी , “सागर” मरा नही करते !!
************
बैखोफ शायर/गीतकार/लेखक
****** डाँ. नरेश कुमार “सागर”
रतनाक्रम ……
14/10/18
********** 9897907490
रावण दहन रूकवानें के लिए …..फार्वड व शेयर करें

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 244

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share