कविता · Reading time: 1 minute

राम नाम

राम नाम का बोल, अमृत रस घोले।
जीवन के सब बंद, द्वार को खोले।
होता जग कल्याण,सभी दुख मिटते।
नहीं बला ये आज, सामने टिकते।

आओ प्रभु के द्वार,नहीं घबराओ।
मिट जाएँगे पाप, शरण में जाओ।
हर घर में जयकार, सुनाई दे अब।
हर घर में ये प्यार, दिखाई दे अब।

प्रभु का पावन नाम, लगे है प्यारा।
करता है गुणगान, सदा जग सारा।
सुबह शाम को आप,भजन मिल गाओ।
ईश्वर का ये दिव्य, कृपा अब पाओ।

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