"रामनवमी की सच्ची पूजा"

नृप दशरथ गृह पुष्प सम , जन्मे थे श्री राम।
रावण का संहार कर , सत्य किया अभिराम।।

असत्य नहीं सत्य ही , मन आभूषण नेक।
सीख यही देता सदा , रामचन्द्र अभिषेक।।

राम नाम तो पुष्प है , जपिएगा दिन रात।
जीवन सुरभित ये करे , दु:ख से मिले निजात।।

राम रूप आदर्श है , देता हर संस्कार।
रिश्ते नाते ज्ञान का , भरता मन भंडार।।

पूजा होती प्रेरणा , समझे हर नर नार।
सच्चे जीवन का यही , होता है आधार।।

नवमी पूजा कीजिए , सीख राम उद्गार।
मात पिता की साधना , रिश्तों का सत्कार।।

प्रीतम जीवन राम का , स्वच्छ नील आकाश।
सूर्य – चंद्र तारे सभी , चमकें लिए प्रकाश।।

💐आर.एस.प्रीतम💐

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प्रवक्ता हिंदी शिक्षा-एम.ए.हिंदी(कुरुक्षेत्रा विश्वविद्यालय),बी.लिब.(इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) यूजीसी नेट,हरियाणा STET पुस्तकें- काव्य-संग्रह--"आइना","अहसास और ज़िंदगी"एकल...
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