रानी प्द्माव्ती

राजा रतन सिह की थी वो दूसरी पटरानी,
नाम था उसका पद्मवती रानी।
जो थी स्त्री शक्ति की मिसाल पुरानी,
और थी सुंदरता की निशानी।
जब आयी किसी ग़ॅर पुरुष की नज़र उस पर,
उसने धूल चटाई शस उठाकर।
साह्स था उस की रग-रग मे,
जोहर कर दिया इस नाई ग़ेर पुरूष के हाथ ना आयी ।
राज्पुताना राज्य की सती माता कह्लाई,
ऐसी थी वो साह्सी स्त्री जिस्ने आज तक राज्पुताना की शान बढाई।
written by :- babita shekhawat

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