राधा बन प्यार करूँ

मीरा बन पूजूँ तन्नै अर राधा बन प्यार करूँ,
खुद तै घणा साजन मेरे, तेरे प ऐतबार करूँ।

कोलेज की याद रह रह कै दिल म्ह उठे जां,
फेर ठा फोटू उन दिनां के तेरा दीदार करूँ।

लाइब्रेरी म्ह वो भूल तै किताबां का बदलना,
ना बदलती किताब तै के होता विचार करूँ।

मुँह तै बोलै कोणी ये आँख सब किमै कहगी,
आज फेर घाल स्याही आँख्याँ नै तलवार करूँ।

देखे बिना रह ना सकां थे इसा हाल होग्या था,
उन्हैं दिनां की ढ़ालां सवालां की भरमार करूँ।

फेर करा इजहार आपां नै चोरी तै फेटन लागै,
चाल साजन उन दिनां की तरियां फेर वार करूँ।

घर आलै नाटै ब्याह नै न्यू जी नै रासा छिड़ग्या,
आज्या आँसू जब उन दिनां नै याद भरतार करूँ।

लुहकमा ब्याह करवा कै न्यारी गृहस्थी बसा ली,
देख तेरी खातर आज देर ब्याहली सा श्रृंगार करूँ।

किसै की नजर ना लागै सुलक्षणा म्हारी जोड़ी कै,
आपणै पणमेशर तै मैं याहे विनती हर बार करूँ।

©® डॉ सुलक्षणा अहलावत

Like 2 Comment 0
Views 66

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share