Aug 11, 2020 · कविता
Reading time: 1 minute

राधा कृष्ण

कृष्ण जन्माष्टमी पर शुभकामनाएं

राधा की परछाईं
है कृष्ण
राधा हंसे तो
कृष्ण हंस पड़ते हैं
राधा दुखी तो
कृष्ण दुःखी होते हैं
राधा रूठे तो
मनाने लगते है
मुरली की धुन बजा
रिझाने लगते हैं

दुलारती है
तो बन जाते हैं
छोटे से कान्हा
नटखट शरारत
कर खा जाते
हैं माखन सारा
श्रंगार भी करते हैं
राधा का औऱ
जबरदस्ती कलाई
पकड़ रचा देते हैं
महारास भी

जैसा चाहती है
राधा, कृष्ण
वैसा ही बन
पहुंच जाते है
उसके पास!
राधा की चाहत
है कृष्ण, हसरत है
उसकी इच्छाएँ है
मन के कोने में
दबी हुई,जिन्हे
पूरा कर सकते
है केवल कृष्ण।

बस कृष्ण है यही
प्रत्यक्ष में दिखते
तो कहीं नहीं
पर जन जन
के हृदय में
उनकी मुरत
है बसी हुई।

सलिल शमशेरी ‘सलिल’

4 Likes · 4 Comments · 61 Views
Copy link to share
Salil Shamshery
32 Posts · 2.9k Views
Follow 1 Follower
Chief General Manager SJVN Limited, Shimla B.Tech (Mech) from IIT BHU MBA and Diploma in... View full profile
You may also like: