राज दोहावली से - ( गुस्ताखी माफी सहित )

पांच तारा होटल में, नाचे नग्न दिखाय|
कहे दुशासन द्रोपदी, तुझे लाज न आय ||

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एक हिन्दी कवि एवं लेखक जो कविता, गीत, गजल, मुक्तक, दोहा, छंद रचनाकार श्रंगार रस...
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