Aug 18, 2016 · कविता
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राखी

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“एक डोर, दो बंधे जिससे छोर,
रेशा- रेशा जिसका चित्तचोर,
रोली-अक्षत की खुशबू इसमें,
बंधते है जिससे वचन कठोर।
‘बसती इसमें है मासूम जिद,
ना होता अधिकारों का शोर।
भाई बहन का ऐसा नाता,
रहे सदा एक दूजे की ओर।
#रजनी

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रजनी मलिक
रजनी मलिक
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