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राखी रेशम की डोरी

बाँध दी रेशम की डोरी
बहना ने भाइयों की कलाई में

भईया ने उपहार दिया
दो शब्दों में इज़हार किया
मैं तेरा रक्षक हूँ
ऐसा क़रार किया

क़रार किया था भाई ने
बहना के संग निभाने का
बहना ने भी उपहार लिया
वर्तमान स्थिति को देख
शब्दों में दर्द का इज़हार किया

रक्षक तुम सिर्फ मेरे नही
हर एक लड़की के रक्षक हो

मैं तेरी एक बहना हूँ
तू मेरा रक्षक भैया है
फिर भी नाजने क्यों
रक्षक बन रहे आज
भक्षक भैया है

ये राखी का त्यौहार नही
सिर्फ एक दिन मनाने का
हर एक लड़की को अपनी
बहन, माँ ही समझो
वो भी होती है तुम्हारी
माँ , बहन समान

तुम भी आज एक शपथ लो
इज्ज़त करोगें हर लड़की की
जैसी इज्ज़त तुम मेरी करते हो
नही छेड़ोगे किसी लड़की को तुम
उसे भी मेरी तरह अपनी बहन समझते हो

जैसे मुझे दर्द होता है
वैसे उनको भी दर्द होता है
हर एक दर्द में नाजने कितने
सपनों को रोती है

आज शपथ मैं लेता हूँ
करूँगा मैं रक्षा हर
लड़की की
उन हैवानों से
खेलते है जो लड़कियों के अरमानों से
जो देखेंगे आँख उठाकर
लड़कियों की आबरू पर
मिलेगा सबक उनको अबके वर्ष

भूपेंद्र रावत
8।08।2017

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Bhupendra Rawat
Bhupendra Rawat
उत्तराखंड अल्मोड़ा
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