रवि रीना का स्वप्निल स्वरुप "रूद्र मालपानी"

ईश्वर का रचित सुंदर स्वरुप,
रूद्र के रूप में मिला मासूम रूप।
रवि के समान हो प्रकाशवान प्रतिरूप,
हम दोनों की दुनिया तो हे तेरा स्वरुप।
शिव के ही आशीर्वाद का प्रतिरूप,
तेरे साथ ही हो जीवन में नई खुशियों का रूप।
सोमवार के दिन जन्मा रुद्र महीप,
एक अनमोल रिश्ता हमारे जीवन के हुआ समीप।
एक मासूम सा निश्चल तेरा ये रूप,
रवि रीना की दुनिया में संजोता “रूद्र” स्वप्निल स्वरुप।

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