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रक्षाबंधन

**************( रक्षाबंधन )************
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रंग बिरंगी राखी लेकर बहना घर पर आई है
सुंदर राखी के धागों में प्यार छुपा कर लाई है

रोली चांवल का तिलक लगा राखी पहनाई है
प्यार स्नेह और ममता से सजी मेरी कलाई है

रक्षा बंधन की पावन बेला में खुशियां छाई हैं
सुनी मेरी कलाई पर फिर राखी मुस्कराई है

तेरी खुशी है सब कुछ बहना तू मेरी मां जाई है
खुश देख तुझे खुशी से आंख फिर भर आई है

हर मुश्किल से करुं सुरक्षा मैने कसम उठाई है
बहना करता वादा तुझसे आज ये तेरा भाई है
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© गौतम जैन ®

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ग़ज़ल , कविता , हाइकु , लघुकथा आदि लेखन प्रकाशित रचनाएं:--- काव्य संरचना, विवान काव्य सृष्टि , glowing faieflay , सृजन अभिलाष , शब्द सृजन , काव्योदय ३ , साहित्य…
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