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रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

May 21, 2017

रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने
राज अपना भी चलाया है बहुत दिन हमने

जश्न खुशियों का मना लेने दो कुछ पल हमको
गम भरा बोझ उठाया है बहुत दिन हमने

जख्म भी बन गया नासूर हमारे दिल का
इसको चुपचाप दबाया है बहुत दिन हमने

हार स्वीकार करें कैसे बताओ हमको
आस का दीप जलाया है बहुत दिन हमने

रेत सा फिसला ये हाथों से तभी समझे हम
वक़्त बेकार गँवाया है बहुत दिन हमने

आज उखड़े हैं कदम ‘अर्चना’ तो क्या गम है
आसमाँ सर पे उठाया है बहुत दिन हमने

डॉ अर्चना गुप्ता
09-05-2017

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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