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प्रिय आये हैं

Kumar Thakur

Kumar Thakur

हाइकु

September 11, 2017

जल तरंग
बज उठा मन में
आयी बदरा

मन प्रसन्न
बरसा बहार में
घुली कजरा

प्रिय आये हैं
जलसेतु बाँध दो
चलो कहार

खुशी के संग
नाचे मन मयूर
तन हमार

सावन आया
पहुंचे प्रियतम
करो विहार

यौवन छाया
कर ले जीवन में
प्रेम “कुमार”

©कुमार ठाकुर

Author
Kumar Thakur
Kumar Thakur, Principal at KVS, Shayar, Poet, Writer, Teacher Trainer, Spoken English Trainer, Life Skills Trainer, Trained Counsellor... Loves Poetry...
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