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*** ये मूरत तेरी ****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

February 14, 2017

ये मूरत तेरी
दिल में उतर
आई है
तेरी सूरत पे
लिखा जो ** मेरा नाम **
दिखलाई
नहीं देता
आँखों से
दिल की नज़र
से झांके दिल में
ऐसी नज़र हो
हर दिल में तभी
दिखलाई देगी दिल से
दिलबर की तस्वीर
तुमको वरना आज
धोखा तो अपने आप को
भी देत आये हैं लोग ।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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