.
Skip to content

ये “माँ” लफ्ज़ है सबसे प्यारा ज़मीं पर…..

Dayal yogi

Dayal yogi

गज़ल/गीतिका

April 4, 2017

चमकता हुआ इक सितारा ज़मीं पर
यही ढूबतों का सहारा ज़मीं पर

फरिश्तों ने खुद इसको हाथों से लिक्खा
ये “माँ” लफ्ज़ है सबसे प्यारा ज़मीं पर

न खुद आ सका तो यही समझा बेहतर
खुदा ने खुदी को उतारा ज़मीं पर

दुआओं का दरिया है ये बूढ़ी आँखें
नहीं इससे बेहतर नज़ारा ज़मीं पर

जहाँ से “माँ ” गुजरे ज़मीं चूम लेना
यही स्वर्ग का बस है द्वारा ज़मीं पर

जो तू है तो सब है न तू तो नहीं कुछ
ऐ “माँ”तू ही सब कुछ हमारा ज़मीं पर

—– दयाल योगी

Author
Dayal yogi
Recommended Posts
वर्ण पिरामिड
वर्ण पिरामिड तू मुझे जग से प्यारा ही है ना छोड़ के जा मेरी पूजा भी तू माँ जमीं में देवता ।। मैं बिन तेरे... Read more
ओ माँ, ऐ माँ, ....................|गीत| “मनोज कुमार”
ओ माँ, ऐ माँ, मेरी माँ, ओ माँ मेरी किस्मत का खजाना तू ही तू ही माँ इन आँखों की खुशियाँ रहमत तू ही माँ... Read more
माँ
माँ में समाहित संसार है । माँ की ममता अपार है । जब जब माँ ने दुलारा है एक ही आवाज़ आयी है = लाल... Read more
फ़लक से चाँद किसी दिन जमीं पे लायेंगे
"गज़ल" मतला- जरा सा सब्र करो हम हुनर दिखायेंगे। फलक से चाँद जमीं पे किसी दिन लायेंगे। गुरुर कर न ए तूफान खुद पे तू... Read more