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*** ये दिल ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

हाइकु

July 21, 2017

ये
दिल
भी
उन्ही
को
धोखा
देता
आया
है
जो
दिल
लगाते
हैं
वरना
दिमाग़
लगाने
वाले
तो
कभी
प्यार
ही
नहीं
किया
करते
हैं ।।

?मधुप बैरागी
कोई
भी
अमीर
पैसो
से
नहीं
हुआ
करता
दिल
से
आमिर
जो हैं
वो
कभी
गरीब
नहीं
हुआ
करते
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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