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*ये तुझे अच्छे से पता है*

मानक लाल

मानक लाल "मनु"

कविता

December 7, 2017

*तुझे अच्छे से पता है*

शहर तेरा है तुझे अच्छे से पता है,,
हालात कैसे तुझे अच्छे से पता है,,

एक मैं ही नही और भी गुनहगार है,,
नाम उसका भी तुझे अच्छे से पता है,,

कहले जो कहना है तुझे मेरी पीठ पीछे,,
पर सच क्या है ये तुझे अच्छे से पता है,,

कौन कब किसका हुआ जो तू भी होगा,,
पर मैं तेरा ही हूँ ये तुझे अच्छे से पता है,,

कर सितम की इंतहा गर शुकुनेदिल हो,,
सह जाऊंगा सब ये तुझे अच्छे से पता है,,

कर ले बन्द झरोखे जो तेरा दीदार कराते है,,
फिर भी मनु आयेगा ये तुझे अच्छे से पता है,,
*मानक लाल मनु*

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Author
मानक लाल
From: गाड़रवारा,बनखेड़ी
सम्प्रति••सहायक अध्यापक 2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,संस्कृत,,, जन्मतिथि 15 मार्च 1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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