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…… ये जवानी कुछ नहीं !

दिनेश एल०

दिनेश एल० "जैहिंद"

गज़ल/गीतिका

November 12, 2017

ये जवानी कुछ नहीं,,,,, ¡
// दिनेश एल० “जैहिंद”

ये जिंदगी चार दिनों की जिंदगानी कुछ नहीं ।
हमारी जिंदगी में है सादगी कहानी कुछ नहीं ।।

ये तुम्हारी जिंदगी अल्लाह की नेमत भर है,,
है ये चाय जो दूध कम अधिक पानी कुछ नहीं ।।

तुम करते हो जिस पर नाज ओ नखरे ये यारो,,
पल में धूल में मिल जानी ये जवानी कुछ नहीं ।।

यहाँ रब की मर्जी के सब गुलाम आजाद कौन,,
है ये तेरी फितूर भर तेरी मनमानी कुछ नहीं ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
27. 06. 2017

Author
दिनेश एल०
मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का... Read more
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