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*** ये क्या कम है **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

March 12, 2017

मत दुखी हो अपने अभावों से

अभावों में भी भाव छुपा होता है

देनेवाले ने जो ग़म दिए हैं तुझको

वो भी किसी उपहार से कम नहीं

दुनियां की खुशियाँ मिले ना मिले

ईश्वर उपहार मिला ये क्या कम है

चुनते नहीं यूं ही किसी जन को

तुम्हें चुना उसने ये क्या कम है ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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