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**** ये काल महा बन जायेगी ****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

गीत

August 9, 2017

जीवन में चलना है साथी

कुछ फूलों कुछ काँटों पे

नादानी अब छोड़ दे प्यारे

परमेश्वरी शक्ति है न्यारी

करबद्ध करले प्रार्थना तूं

फिर है हितकारिणी

तूं अविश्वास को छोड़ दे

समय है बाकि ना मुख मोड़

मत चल उलटी चालें तूं

ये काल महा बन जायेगी

जीवन में चलना है साथी

कुछ फूलों कुछ काँटों पे ।।

?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
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