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*यू ही नही किया करते*

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

November 15, 2017

*यू ही नही किया करते*

यू ही बस बेबजह इल्जाम नही लगाया करते,,,
बफादार को बेबफा कहकर नही बुलाया करते,,,

हक्कीकत से जब रूबरू ही नही हो तुम सनम,,,
दूर से ही किसी को मुल्जिम नही बनाया करते,,,

वैसे भी तो ये जिंदगी दरिया का बहता पानी है,,
फिर भी हम यू ही नही बेकार इसको बहाया करते,

कोई आजमाले जो भी जमाने के जोर से,,,
हाथ थामने के बाद हम छोड़कर नही जाया करते,,

जीने की आरजू में इश्क किया था हमने तुमसे,,
मनु वजह बाजिब होगी यू ही हम बेबफा नही हुया करते,,

मानक लाल मनु,,

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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