Jul 30, 2016 · कविता
Reading time: 1 minute

युवती की अभिलाषा

अभिलाषा (भाग एक )

अभिलाषा (भाग एक )

@–युवती की अभिलाषा—@

हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे !
हाव भाव से मनमोहन हो
स्वभाव से शांत,सदा मौन रहे
मन माफिक हर काम कर दे
हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे !!

कमाई से टाटा, अंबानी हो
पास हो जिसके काफी पैसा
राँझा-मजनूँ बन कर प्यार करे
इशारे पर नाचे प्रभु देवा जैसा
देवो में वो कामदेव लगे
हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे !

अमिताभ जैसा हीरो हो
जो बुढ़ापे में भी जवाँ लगे
रजनीकांत की स्टाइल मारे
खली जैस ताकत रख कर
जो सबकी छुट्टी कर दे
हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे !!

मोदी जैसी मीठी बाते करे
और ओबामा सा फेमस हो
राजीव कपूर सा खाना बना सके
घर के जो सारे काम कर दे
हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे !!

@———-डी. के. निवातियाँ !!

4 Comments · 85 Views
Copy link to share
डी. के. निवातिया
235 Posts · 50.7k Views
Follow 12 Followers
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ ,... View full profile
You may also like: