Jun 6, 2020 · कविता
Reading time: 1 minute

यादों का किस्सा।

कब कहा मैंने कि आप मेरे,
जीवन भर का हिस्सा बनिए,
जब तक हो सके संपर्क में रहिए,
फिर ख़ूबसूरत यादों का किस्सा बनिए ।

यूं ही ना जुड़ता कोई किसी से,
आप साथी किसी के आहिस्ता बनिए,
जब तक हो सके संपर्क में रहिए,
फिर ख़ूबसूरत यादों का किस्सा बनिए।

फूलों सा महके ये जीवन जिनसे,
आप उन एहसासों का गुलदस्ता बनिए,
जब तक हो सके संपर्क में रहिए,
फिर ख़ूबसूरत यादों का किस्सा बनिए।

हो ज़हन में शामिल जो खुशियां बनके,
किसी का ख़ास कोई रिश्ता बनिए,
जब तक हो सके संपर्क में रहिए,
फिर ख़ूबसूरत यादों का किस्सा बनिए ।

-अंबर श्रीवास्तव

4 Likes · 2 Comments · 82 Views
Copy link to share
Amber Srivastava
99 Posts · 11.1k Views
Follow 24 Followers
लहजा कितना ही साफ हो लेकिन, बदलहज़ी न दिखने पाए, अल्फ़ाज़ों के दौर चलते रहें,... View full profile
You may also like: