यह संकल्प हमारा हो.....

🇮🇳 यह संकल्प हमारा हो…🇮🇳
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मातृभूमि की रज मस्तक पर,
इंकलाब का नारा हो।
विश्व गुरू हो भारत प्यारा,
यह संकल्प हमारा हो।

प्रेममयी सबकी भाषा हो,
पतित पावनी गीता सी।
रामकृष्ण जैसा हर बालक,
हर बाला हो सीता सी।
मानवता को सिंचित करती,
निर्मल गंगा धारा हो।
विश्व गुरू हो भारत प्यारा,
यह संकल्प हमारा हो।

बोली भाषा जाति धर्म के,
भेद मिटाने ही होंगे।
उन्नति पथ जो करें प्रकाशित,
दीप जलाने ही होंगे।
भूखा नंगा कोई न सोये,
सबका सरल गुजारा हो।
विश्व गुरू हो भारत प्यारा,
यह संकल्प हमारा हो।

अडिग हिमालय जैसा साहस,
सागर जैसी गहराई।
शान्ति समर्पण त्याग तपस्या,
हो सन्तति में अरुणाई।
‘तेज’ शौर्य से अरिदल दहले,
उर में वह उजियारा हो।
विश्व गुरू हो भारत प्यारा,
यह संकल्प हमारा हो।

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🙏तेज✏मथुरा✍🏻

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