यही कोरोना का तोड़ हैं

सूनी सूनी रोड़ है ।
सूना सूना मोड़ है ।
सब कह रहे है,
यही कोरोना का तोड़ है ।।

घर में रहो डटे ।
लोगो से रहो कटे ।
सब कह रहे है,
तभी कोरोना हटे ।।

नित नित हाथ धोए ।
मास्क सदा लगाए ।
सब कह रहे,
तभी कोरोना जाए ।।

सब जन जागे ।
मिलकर आए आगे ।
सब कह रहे,
तभी कोरोना भागे ।।

सह लो थोड़े- थोड़े कष्ट ।
हो लो थोड़ा -थोड़ा रुष्ट ।
सब कह रहे,
तब ही होगा कोरोना नष्ट ।।

यही संघर्ष रखो जारी ।
बनकर तुम आज्ञाकारी ।
सब कह रहे ,
कोरोना का भागना जारी ।।

।।।जेपी लववंशी, हरदा, म.प्र. ।।।

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J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS) , MA (POLITICAL SCIENCE) "कविता लिखना...
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