यक़ीन

यू संजीदा मत रहो म़ाहौल को खुश़गव़ार बनाओ।
कुछ गाओ, कुछ नाचो, कुछ खेलो, कुछ लिखो, कुछ पढ़ो, ग़ुमसुम़ न बैठे रहो कुछ सुनो, कुछ सुनाओ ।
कुछ चुटकुले ,कुछ कविता,कुछ गीत, कुछ ग़ज़ल कुछ फिल्मी गाने ।
कुछ कहानियां, कुछ आप बीती, कुछ मोहब्बत के तराने ।
जगाओ अपने सोए हुए हुऩर को तऱाशो अपनी काब़िलिय़त को ।
कुछ सीखो कुछ सिखाओ कुछ इल्म़ की बातें बताओ ।
मुश्किलों से लड़ने की तैयारी का हौसला बढ़ाओ।
अफवाहों को न पनपने दो उन्हें जड़ से मिटाओ।
मुसीबत के मारो को यक़ीन दिलाकर ये सब्र उनमें जगाओ ।
के अल़म के दिन थोड़े हैं जल्द बीत जाएगें।
खुशियां फिर लौटेंगीं और अच्छे दिन दूर नही लौट आएगें।

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