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हवाओ में तो बस तेरी खुशबू है…

Awneesh kumar

Awneesh kumar

कविता

March 27, 2017

हवाओ में बस तेरी खुशबू है
चमक तो जैसे तेरी जुगनू है
पाना जरुरी नहीं तुमको क्यू की
आज भी याद मुझे तेरी गुफ्तगू है।
(अवनीश कुमार)
हर लड़की में देखी है सुरत तेरी
मुड़ कर देखा तो लगी नहीं मुरत मेरी।

Author
Awneesh kumar
नमस्कार अवनीश कुमार www.awneeshkumar.ga www.facebook.com/awneesh kumar
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