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मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

कुण्डलिया

March 1, 2017

मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल
कानों में गूँजे मधुर ,कोयलिया के बोल
कोयलिया के बोल, बौर की खुशबू बिखरी
फीके मन में घोल, रही ये केसर मिसरी
लगता है ली ओढ़, ख़ुशी की चादर गम ने
खुशियों के जो फूल, खिलाए हैं मौसम ने

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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