मौन (शांत)की ताकत

मौन की शक्ति पर खुद से,
कभी व्याख्यान न होता ।
दिशाएँ मौन ही रहती,
मनुज गर शांति ब्रत करता।।

महादुर्धश समर इतना ,
कभी विकराल न होता ।।
द्रुपद कन्या अगर उस वक्त,
केवल मौन ही रहती ।।

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