मौत पर भी सभी मुस्कुराने लगे

पैरोडी- कितने वर्षों पढ़ाया लिखाया यहाँ…
(तुम अगर साथ देने का वादा करो…फ़िल्म- हमराज़)
दिनांक- 28/05/2018
गीतकार- आकाश महेशपुरी
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इतने वर्षों पढ़ाया-लिखाया यहाँ
हम यहीं पर ये जीवन गंवाने लगे
जिनको हमने है राजा बनाया वही
तीर-तलवार दिल पर चलाने लगे
इतने…
○ ○ ○
इक नदी को समंदर से उल्टा यहां
पर्वतों की तरफ हैं बहाने लगे
जिनकी बातों पे हमको यकीं था बहुत
झूठ के देवता वो कहाने लगे
जिंदगी की यहां दुर्दशा हो गई
वे खुशी के तराने लुटाने लगे-
जिनको हमने है राजा बनाया वही
तीर-तलवार दिल पर चलाने लगे
○ ○ ○
मर गए सैकड़ों पर नहीं ग़म कोई
हैं सभी बन गए बज्र के रूप सा
साल सत्रह पढ़ाया बड़े चाव से
क्या यही शिक्षामित्रों की है वो ख़ता
जाने कितनी बड़ी है ख़ता हो गई
मौत पर भी सभी मुस्कुराने लगे-
जिनको हमने है राजा बनाया वही
तीर-तलवार दिल पर चलाने लगे
○ ○ ○
रो रहा है मेरा दिल बड़े जोर से
देखकर भाई-बहनों की ये वेदना
हम तो टूटे हुए हैं भले आजकल
तुम भी टूटोगे इक दिन यहां देखना
वक्त है जो बुरा ये गुजर जायेगा
वे बुरे वक्त में आजमाने लगे-
जिनको हमने है राजा बनाया वही
तीर-तलवार दिल पर चलाने लगे
इतने वर्षों पढ़ाया-लिखाया यहां
हम यहीं पर ये जीवन गंवाने लगे

– आकाश महेशपुरी
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विशेष- उत्तर प्रदेश राज्य में 137000 शिक्षकों (शिक्षामित्रों) की स्थायी नौकरी चली गयी जिससे प्रभावित होकर एक हजार से अधिक शिक्षक दिवंगत हो गए। उन सभी दिवंगत साथियों को यह गीत समर्पित है।

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