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*मौत के डर से मर जाया नही करते इंसान*

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

April 15, 2017

वक्त कब किसी पे रहम करता है

सम्भालों

जीना है जहां में यारों

जिंदगी
कब कहती है मर मर के जिओ

मौत
कब कहती है जीते जी मर जाओ

रहम कर
जिंदगी पे अपनी जिन्दा इंसान

मौत के डर से

मर जाया नहीं करते इंसान ।।
. ?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more

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