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मोहबत एेसी पूजा है …

Ranjeet GHOSI

Ranjeet GHOSI

कविता

October 12, 2017

मोहबत एेसी पूजा है, मोहबत सा नहीं दूजा
एे तो एेसी दौलत है, एे तो एेसी सोहरत है
मिल जाये जिंनहे, खुदा की इबादत है
मोहबत दरद मे भी,सुंकु एहसास देती है
मोहबत विष के पयाले को,अमृत सा वनाती है
मोहबत पाक सचची हो,तो मीरा सा बनाती है
एे तो एेसी नेमत है ,किसी को मिल ही जाती है
मोहबत मॉ की ममता मे,ईशर को दिखाती है
पिलाके दूध छाती से,खुद सूख जाती है.

Author
Ranjeet GHOSI
PTI B. A. B.P.Ed. Gotegoan
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