Dec 11, 2017 · दोहे
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मोबाइल के फायदे,उतने ही नुकसान.

रही नहीं अब चिट्ठियाँ, आशिक की पतवार !
मोबाइल ने हर लिया ,…..चिट्ठी का हर सार !!

इसके जितने फायदे,…उतने ही नुकसान !
करिए फोन प्रयोग पर,रखें बात यह ध्यान।।

मोबाइल ईमेल ने, ….ऐसा दिया बिगाड़ !
चिट्ठी लिखना यूं लगे, चढ़ना हमें पहाड़ !!

मोबाइल ईमेल में,…. कैसे रखें गुलाब !
कैसे हो दिल यार की, चिट्ठी को बेताब !!

मोबाइल ईमेल से, चल जाता है काम।
चिट्ठी मे फिर प्रेमिका, क्या भेजे पैगाम।।

नारी का कैसे कहूँ, ….होने लगा मजाक !
दे देते हैं फोन पर, उनको सहज तलाक !!

मोबाइल ईमेल ने,……ऐसा किया कमाल !
देखा था कब डाकिया,नही याद वो साल! !
रमेश शर्मा.

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RAMESH SHARMA
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दोहे की दो पंक्तियाँ, करती प्रखर प्रहार ! फीकी जिसके सामने, तलवारों की धार! !... View full profile
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