Nov 22, 2018 · कविता
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मॉ

हर किसी का संसार होती है मां
इस संसार की पहली रोशनी होती है मां
खुद को भुलकर हमे सजोती है
वो होती है मां
हमरा हर कष्ट खुशी से सह लेती है मां
न जाने कितने सपने संजोये है हमारे लिये..
अपना दुख हमारी खुशी म छुपाया होगा
ऐसी होती है मां
मैं कैसे भुल जाऊ तुझे मां
तु…मेरी खुशी के लिये
जागकर रात बिता देती थी
ऐसी होती है …मां.
. ..गिरधारी लाल नाई

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GIRDHARI LAL NAI
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I am girdhari lal nai V.p.o tidiyasar.. Teh.nohar Dist. Hanumangarh View full profile
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