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मॉ भारती के सपूत

सगीता शर्मा

सगीता शर्मा

कविता

March 19, 2017

माँ भारती के सपूत.
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नींद से तुम जाग लो.
मन में कुछ ठान लो.
हार कर रूको नही.
भारती पुकारती.

जो मौत को लगा गले.
जान वो दे कर चले.
दीप थाल हाथ लिये.
आरती उतारती.

तिरंगा जो ओढ़ लिया.
सम्मान यू कर लिया.
ऐसे वीर पूत का माँ.
रास्ता बुहारती.

नैनन में आस लिये.
सपने भी खास लिये.
रास्ता पिया का वही.
आज भी निहारती.

संगीता शर्मा.
18/3/2017

Author
सगीता शर्मा
परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.
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